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सपनों को पूरा करने के लिए आँखों की नहीं जज़्बे की जरूत है, जाने जानकी की इंस्पिरेशनल कहानी

सपनों को पूरा करने के लिए आँखों की नहीं जज़्बे की जरूत है, जाने जानकी की इंस्पिरेशनल कहानी

कौन है जानकी गॉड ?


इंसानो में एक चीज है जो बहुत बुरी है और वो है शिकयत करने कि  हम हमेशा अपनी कमियों को लेकर भगवान से शिकयत करते है कि  उन्होंने ऐसा क्यों किया ? लेकिन कभी उनका शुक्रियादा नहीं करते की उन्होंने हमे इतनी अच्छी जिंदगी दी क्यूंकि कुछ लोगो को वो भी नहीं मिलता । इसलिए अपनी कमियों को कभी निराशा के तौर पर नहीं ले जाना चाहिए उससे अपनी ताक़त समझना चाहिए.

janki gaud

आज हम आपको एक ऐसी  लड़की की कहानी बताएँगे जिसने अपनी कमियों को कमजोरी नहीं ताकत समझी और सिर्फ अपने राज्य का ही नहीं बल्कि पूरे देश का नाम रौशन किया. जी हाँ और वो लड़की है जानकी गॉड ,जानकी ने अपनी आँखों की रौशनी गवाने के बावजूद  राष्ट्रीय स्तर पर ब्लाइंड जुडो चैंपियनशिप में ब्रोंज मैडल जीत कर अपने परिवार का नाम रौशन किया.

यहाँ जाने जानकी गॉड और उसकी इंस्पिरेशनल स्टोरी के बारे में ?

जानकी गॉड मध्य प्रदेश में  जबलपुर के पिपरिया जिसमे कुररे नाम का एक छोटा सा गावँ है  वहाँ  की रहने वाली है. एक छोटे से गावँ में रहने वाली जानकी के लिए अपने सपनो को पूरा करना आसान नहीं था. जानकी गॉड के माता -पिता दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते हैं और उन्हें  बचपन से ही जानकी को ऐसी हालत में बाहर भेजना किसी बड़े  डर से कम नहीं था .क्योंकि जानकी  बचपन से ही ब्लाइंड थी.

एक दिन जानकी गॉड  की मदद के लिए सामने आए, एक गैर-सरकारी संगठन “साइटवेरस” जिन्होंने ने उसे जूडो की क्लास देनी शुरू की, इसलिए ताकि जानकी ही नहीं बाकी महिलाएं भी किसी भी स्थिति में अपना बचाव कर सकें. क्यूंकि ऐसा बहुत बार हुआ की जब जानकी बाहर निकल पड़ोस तक जाती थी तो बहुत से लोगो ने उसकी इस कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश की।  तभी से जानकी ने सेल्फ डिफेन्स सीखने  की ठानी और अपने इस सपने को पूरा भी किया.

यहाँ भी पढ़े : इलेक्शन में जोश गरम : अल्पसंख्यकों का “Vote”बटौरने निकली पार्टियाँ

आज जानकी गॉड एक स्पोकपर्सन  ही नहीं बल्कि अपनी तरह उन सभी  लोगो को जुडो सिखाती  है. यही नहीं 22 वें से 29 मई 2017 तक ताशकंद, उज्बेकिस्तान में आयोजित जूडो एशियन एंड ओशिनिया चैंपियनशिप में भारत को रिप्रेजेंट करने के लिए इस प्रतियोगिता  में 14 कंटेस्टेंट  में से एक थी और उन्होंने इस राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतियोगिता को जीत कर ब्रोंज मैडल हासिल किया और सिर्फ मध्य प्रदेश का ही नहीं पूरे देश का नाम रौशन किया. इसलिए अपनी कमियों से लड़ने के वजह  अपनी क़ाबलियत  को पहचाने  अपने सपनो को  पूरा करे.

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